सत्यार्चन

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एक कलाम ....आपके लाइक्स का मोहताज!

Posted On: 20 Feb, 2016 Junction Forum,Celebrity Writer में

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एक कलाम ….आपके लाइक्स का मोहताज!!

चर्चित-चतुर-सयानों की
ॉॉ
सयानी बातें सराहीं

चार ही लाइक आये

हम भलाई के पक्षधर होने पर शर्माये….

बहुत सोचा…. कमी कहाँ है

पर ढूंढ़ नहीं पाये

गुरू जी के दरबार में सवाल उठवाये

गुरूजी बोले देर से आये

पर दुरुस्त नहीं आये

मूर्ख! इतनी सी समस्या पर

हम तक दौड़े चले आये

आश्चर्य है!

तुम जैसे गधे कैसे

हमारे शिष्य बन पाये?

…. हमने मौन साधे रखा

गुरूजी आगे बड़बड़ाये

“दुनियाँ भली है

समझने में बुराई नहीं

बात समझने भर की है

मगर कहने लायक नहीं….

राम की अच्छाइयों का वखान

रावण की बुराइयों बिना फीका ही रहना था….

रावण बुराई की हद ना होता

तो राम का कोई इतिहास नहीं होना था….

रामों को दिलाना चाहते हो

अगर सम्मान

रावणों की दुष्टता पर

लगातार करो प्रहार

छोड़ो ना अभी से कभी कोई अवसर

दुष्टताओं को बढ़ा-चढ़ाकर करते रहो बखान

रामों का भी बीच बीच में करते रहो गुणगान

धीरज रखो

गुणगान पर

कोई दे

ना दे ध्यान

फिर रावणों को समाज का नासूर तुम बतलाना

रामों को ही नासूर का

इकलौता इलाज जतलाना

रामों के सामने जनता से ही

फरियाद तुम करवाना

फिर मौका देख रावणों को

रामों से मरवाना!!!

रामों को तब कहीं जाकर

पूछेगा यह जमाना…

वत्स;

बुराई को आतातायी

जरूरी है दिखाना

अच्छाई का तभी

बन सकेगा कोई ठिकाना…

ना मानो तो चर्चित चोरों को

चार गालियां लिख देख लो

चार शेयर, चालीस कमेंट, चौरासी लाइक समेट लो!

एक और बात बात का मगर रखना ध्यान

भीड़ जुटाने लिखोगे तो हिस्सा

भीड़ का ही हो पाओगे…

तुलसी सा अमृत बाँटोगे

तब तुलसीदास कहलाओगे !!!”

#सत्यार्चन



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

SathyArchan के द्वारा
May 4, 2016

माननीय माथुर जी; परिवार की दाल रोटी व्यवस्था में गहन व्यस्तता वश प्रत्युत्तर में अत्यधिक देरी के लिये क्षमा चाहता हूँ! आपका धन्यावाद् ! साधुवाद ! भावी सहयोग आकांक्षित ….! #सत्यार्चन

Jitendra Mathur के द्वारा
February 25, 2016

बहुत अच्छी और सटीक बात कही है आपने । आभासी संसार की भेड़चाल में फंसे लोगों के नेत्र खोल देने वाली । साधुवाद आपको ।


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